मैं किसी संस्था का प्रवक्ता नहीं, मैं केवल एक शिकायतकर्ता..": महुआ मोइत्रा घूस मामले में निशिकांत दुबे
TMC सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) को रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में चार बार गिरफ्तार किया गया है और अब उनकी सांसदी जाने का भी खतरा है। पार्लियामेंट एथिक्स कमेटी ने इस मामले की जांच रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेजी है। इधर झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर महुआ मोइत्रा पर हमला बोला है, जिसमें उन्होंने 'टुकड़े टुकड़े गैंग' का उल्लेख किया है, हालांकि उनका नाम नहीं बताया गया है।
टुकड़े टुकड़े गैंग फैशन:
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भारत के संवैधानिक संस्थाओं पर हमला देश के टुकड़े टुकड़े गैंग के लिए एक फैशन बन गया है। मैंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले सांसद के खिलाफ लोकपाल को शिकायत दी. लोकपाल ने उसे बताया और अपनी जांच एजेंसियों को केस दर्ज करने को कहा। मैं सिर्फ एक शिकायतकर्ता हूँ, नहीं किसी संवैधानिक संस्था का प्रवक्ता।"
वहीं संसद की एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा के अपराध को गंभीर बताया है। सूत्रों ने बताया कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। गुरुवार की मीटिंग में कमेटी ने मोइत्रा के खिलाफ इस रिपोर्ट को मंजूरी दी। इस रिपोर्ट के पक्ष में छह और विरोध में चार सांसदों ने वोट दिया।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाए:
15 अक्टूबर को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने दावा किया कि बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने महुआ को संसद में सवाल पूछने के लिए धन और तोहफे दिए थे। दुबे ने ये आरोप महुआ के पूर्व प्रेमी और वकील जय अनंत देहद्राई की एक चिट्ठी पर आधारित किया था। लोकसभा स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को मामला भेजा।
