बिहार विधानसभा चुनाव 2025: NDA को प्रचंड जनादेश, 200 के पार
बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए शुक्रवार (14 नवंबर 2025) को हुई मतगणना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने दो-तिहाई बहुमत के साथ एकतरफा जीत दर्ज की है। अंतिम परिणाम/रुझानों के अनुसार, NDA ने 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है, जो बिहार के हालिया चुनावी इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।
| गठबंधन/पार्टी | जीती/बढ़त वाली सीटें (लगभग) | मुख्य बात |
| NDA | 202+ | प्रचंड बहुमत हासिल किया (बहुमत का आंकड़ा 122 है) |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 89-93 | राज्य में पहली बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी |
| जनता दल (यूनाइटेड) (JD(U)) | 75-80 | नीतीश कुमार की 'फीनिक्स' वापसी, मुख्यमंत्री पद बरकरार |
| LJP (राम विलास) | 20-22 | चिराग पासवान ने अपनी सीटों पर शानदार स्ट्राइक रेट से जीत दर्ज की |
| महागठबंधन (MGB) | 35-45 | विपक्ष का प्रदर्शन निराशाजनक, RJD केवल 25-30 सीटों पर सिमटी |
इस परिणाम ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि नीतीश कुमार एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे, हालांकि बीजेपी (BJP) राज्य की सबसे बड़ी एकल पार्टी बनकर उभरी है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस जीत को "सुनामी से कम नहीं" बताया है।
महिला वोटर्स बनीं 'किंगमेकर', ध्वस्त हुआ तेजस्वी का 'MY' समीकरण
NDA की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे के कारणों का गहन विश्लेषण बताता है कि महिला वोटर्स इस बार निर्णायक फैक्टर बनकर सामने आईं।
-
महिलाओं का रिकॉर्ड मतदान: इस चुनाव में महिलाओं (71.78%) ने पुरुषों (62.98%) की तुलना में अधिक मतदान किया। महिलाओं का यह प्रबल समर्थन सीधे तौर पर नीतीश कुमार द्वारा चलाई गई महिला-केंद्रित योजनाओं (जैसे- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, जीविका समूह और पंचायती राज में आरक्षण) के पक्ष में गया।
-
'MY' से 'MY' का जवाब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी रैलियों में महागठबंधन के 'MY' (मुस्लिम-यादव) समीकरण के जवाब में सकारात्मक 'MY' (महिला-युवा/Youth) का नारा दिया, जो जमीनी स्तर पर असरदार रहा।
-
तेजस्वी की विफलता: तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन, जिसे 2020 में बड़ी सफलता मिली थी, इस बार संगठन की कमजोरी, स्थानीय नेतृत्व की कमी, और प्रभावी चुनावी रणनीति के अभाव के कारण विफल रहा। उनकी "रोजगार" की पिच महिलाओं को उस हद तक प्रभावित नहीं कर पाई, जितना NDA की 'सुरक्षा और जनकल्याण' की पिच ने किया।
-
वोटों का बँटवारा: सीमांचल जैसे क्षेत्रों में AIMIM और जन सुराज (प्रशांत किशोर) जैसे छोटे दलों ने महागठबंधन के वोटों का विभाजन कर दिया, जिसका सीधा फायदा NDA को मिला।
चिराग पासवान का उदय और प्रमुख उम्मीदवारों के नतीजे
-
चिराग पासवान (LJP-RV): चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के लिए असाधारण स्ट्राइक रेट दर्ज किया है, जिससे वह NDA में एक मजबूत सहयोगी बनकर उभरे हैं और उनकी मोलभाव करने की शक्ति (Bargaining Power) बढ़ गई है। उन्होंने अपनी पार्टी को 2020 के मुकाबले कहीं ज्यादा सीटें दिलाई हैं।
-
प्रमुख सीटों के परिणाम:
-
तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से जीत दर्ज की, लेकिन यह जीत उनके गठबंधन की बड़ी हार को नहीं रोक पाई।
-
मैथिली ठाकुर (बीजेपी) जैसी नई और युवा राजनेताओं ने भी RJD के मजबूत क्षेत्रों में सेंध लगाई।
-
