भारत की 'एंटी-ड्रोन शील्ड' भेदने की फिराक में पाकिस्तान: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भेजे 800 ड्रोन, सेना ने 240 को किया ढेर
मई 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सिंदूर' ने पाकिस्तान के सैन्य ढांचे और उसकी रणनीतिक सोच को हिलाकर रख दिया है। इस ऑपरेशन की सफलता का खौफ पड़ोसी मुल्क में इस कदर है कि वह लगातार भारतीय 'एंटी-ड्रोन शील्ड' की मजबूती को परखने की कोशिश कर रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान ने भारतीय सीमा पर करीब 800 ड्रोन भेजे हैं, जिनमें से 240 को भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने मार गिराया है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर और इसका प्रभाव?
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। यह भारत का पहला ऐसा 'त्रि-सेवा' (Tri-service) ऑपरेशन था जिसमें ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू विमानों का बड़े पैमाने पर समन्वय देखा गया। भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस और कई आतंकी कैंपों को निशाना बनाया था।
इस ऑपरेशन के बाद से पाकिस्तान अपनी हार का बदला लेने और भारत की हवाई सुरक्षा की कमजोरियां ढूंढने के लिए लगातार 'ड्रोन प्रॉबिंग' (Probing) कर रहा है।
पाकिस्तान की नई रणनीति: 'ड्रोन स्वार्म' से हमला
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान अब केवल छोटे जासूसी ड्रोन नहीं, बल्कि तुर्की की मदद से तैयार 'सोंगर' (Songar) जैसे आधुनिक कॉम्बैट ड्रोन और 'कामिकेज़' ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहा है।
टेस्टिंग का तरीका: पाकिस्तान एक साथ दर्जनों ड्रोन भेजकर यह देख रहा है कि भारत का S-400 (सुदर्शन चक्र) और आकाश (Akash) मिसाइल सिस्टम कितनी जल्दी और कितनी सटीकता से प्रतिक्रिया देते हैं।
इलाका: राजौरी, नौशेरा और सांबा सेक्टर में घुसपैठ की सबसे ज्यादा कोशिशें दर्ज की गई हैं।
भारत की अभेद्य दीवार: स्वदेशी और आधुनिक तकनीक
पाकिस्तान के इन मंसूबों को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना ने एक 'मल्टी-लेयर्ड' एयर डिफेंस ग्रिड तैयार किया है:
आकाशतीर (Akashteer): भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा विकसित यह सिस्टम रडार और हथियारों के बीच रीयल-टाइम तालमेल बैठाता है।
जैमर और स्पूफर: सीमा पर ऐसे आधुनिक जैमर्स लगाए गए हैं जो पाकिस्तानी ड्रोनों का कंट्रोल उनके बेस से काट देते हैं, जिससे वे या तो क्रैश हो जाते हैं या दिशा भटक जाते हैं।
लेजर हथियार (DEWs): कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोनों को पलक झपकते ही नष्ट करने के लिए सेना अब 'डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स' का भी परीक्षण और उपयोग कर रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अब 'असममित युद्ध' (Asymmetric Warfare) पर उतर आया है। वह सीधे युद्ध के बजाय ड्रोनों के जरिए भारत के रडार सिस्टम को थकाना चाहता है। हालांकि, भारतीय सेना ने 240 ड्रोनों को मार गिराकर यह साबित कर दिया है कि उसकी एंटी-ड्रोन शील्ड दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक है।