PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे बिहार के लाखों किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार के कृषि विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि किसी किसान की 'फार्मर आईडी' (Farmer ID) अभी तक नहीं बन पाई है, तो भी उनकी सम्मान निधि की राशि नहीं रुकेगी।
बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों को तकनीकी कारणों से उनके हक से वंचित नहीं होने देगी। इस घोषणा से बिहार के लगभग 41 लाख से अधिक उन किसानों को सीधा फायदा होगा जिनकी आईडी अब तक लंबित है।
क्या है पूरा मामला?
केंद्र सरकार ने हाल ही में पारदर्शिता बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए 'एग्री स्टैक' (AgriStack) के तहत प्रत्येक किसान के लिए एक विशिष्ट 'फार्मर आईडी' (Farmer ID) अनिवार्य करने की दिशा में कदम बढ़ाया था। बिहार में भी इसके लिए मिशन मोड में काम चल रहा है। हालांकि, वंशावली की समस्या, जमीन का बंटवारा न होना और दाखिल-खारिज (Mutation) में देरी जैसे कारणों से कई किसान अपनी आईडी नहीं बनवा पा रहे थे।
इसी को देखते हुए कृषि विभाग ने फिलहाल इसे 'अनिवार्य' श्रेणी से हटाकर 'प्रक्रियाधीन' रखा है ताकि 22वीं किस्त समय पर भेजी जा सके।
बिहार में फार्मर आईडी की वर्तमान स्थिति
कृषि विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार:
कुल पंजीकृत लाभार्थी: 85.53 लाख (लगभग)
बनी हुई फार्मर आईडी: 45.18 लाख
लंबित लाभार्थी: लगभग 41.17 लाख
नोट: बिहार सरकार ने हाल ही में फार्मर आईडी बनाने के लिए लगने वाले 15 रुपये के शुल्क को भी माफ कर दिया है। अब किसान वसुधा केंद्रों या सहज केंद्रों पर जाकर मुफ्त में अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं।
अगली किस्त (22nd Installment) कब आएगी?
ताजा अपडेट के अनुसार, पीएम किसान की 22वीं किस्त फरवरी 2026 के आखिरी सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह (होली के आसपास) जारी होने की पूरी संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को खेती की तैयारी और त्योहारों के खर्च के लिए समय पर आर्थिक सहायता मिल जाए।
किन किसानों को मिलेगी राहत?
पुराने लाभार्थी: जो पहले से किस्तें प्राप्त कर रहे हैं लेकिन आईडी नहीं बनी है।
भूमि सुधार में फंसे किसान: जिनके पास जमीन के कागजात हैं लेकिन वे आईडी जनरेट नहीं कर पाए हैं।
e-KYC पूर्ण किसान: ध्यान रहे, फार्मर आईडी में राहत मिली है, लेकिन e-KYC और आधार सीडिंग अभी भी अनिवार्य है।
फार्मर आईडी बनवाने के फायदे (क्यों है जरूरी?)
भले ही किस्त के लिए फिलहाल राहत दी गई हो, लेकिन भविष्य में इसके बिना काम नहीं चलेगा। फार्मर आईडी होने से ये लाभ मिलेंगे:
KCC लोन: मात्र 10 से 15 मिनट में किसान क्रेडिट कार्ड की स्वीकृति।
फसल बीमा: क्लेम सेटलमेंट में आसानी।
सरकारी बीज और खाद: सब्सिडी का सीधा लाभ।
डिजिटल पहचान: एक क्लिक पर जमीन और खेती का पूरा ब्यौरा।