आयुष्मान और BPL कार्डधारकों को बड़ा झटका: अब मुफ्त नहीं होगी MRI जांच, जेब से ढीले करने होंगे पैसे
भोपाल स्थित जय प्रकाश (जेपी) जिला अस्पताल में पीपीपी मोड पर चल रही एमआरआई सेवा में बदलाव के कारण मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों लिया गया यह फैसला।
मुख्य बिंदु (Highlights)
जेपी अस्पताल में अब आयुष्मान और BPL कार्डधारकों के लिए MRI मुफ्त नहीं रही।
मरीजों को अब प्रति जांच ₹1000 से ₹1500 तक का भुगतान करना होगा।
पीपीपी (PPP) मॉडल पर काम कर रही कंपनी और सरकार के बीच अनुबंध खत्म होने की चर्चा।
गंभीर बीमारियों के निदान के लिए भटक रहे गरीब मरीज।
पूरी खबर: सरकारी अस्पताल में 'मुफ्त इलाज' के दावे की हवा निकली
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े जिला अस्पताल, जय प्रकाश चिकित्सालय (JP Hospital), से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने गरीब मरीजों की चिंता बढ़ा दी है। सालों से आयुष्मान भारत योजना और BPL (गरीबी रेखा के नीचे) कार्ड के माध्यम से मुफ्त एमआरआई (MRI) की सुविधा ले रहे मरीजों को अब अपनी जेब से पैसे देने पड़ रहे हैं।
क्या है विवाद की जड़?
जेपी अस्पताल में एमआरआई मशीन का संचालन एक निजी कंपनी द्वारा Public-Private Partnership (PPP) मोड पर किया जा रहा था। इस अनुबंध के तहत, अस्पताल आने वाले गरीब मरीजों को मुफ्त सेवा दी जाती थी, जिसका भुगतान सरकार कंपनी को करती थी। लेकिन हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने अब मुफ्त जांच करने से इनकार कर दिया है।
मरीजों पर आर्थिक बोझ
अस्पताल प्रशासन और निजी कंपनी के बीच उपजे इस गतिरोध का खामियाजा आम आदमी भुगत रहा है। पहले जो जांच पूरी तरह नि:शुल्क थी, उसके लिए अब मरीजों से ₹1000 से लेकर ₹2500 तक की मांग की जा रही है।
मरीजों की व्यथा:
"हम मजदूरी करने वाले लोग हैं। आयुष्मान कार्ड इसीलिए बनवाया था कि मुसीबत में काम आए, लेकिन अब अस्पताल में ही पैसे मांगे जा रहे हैं। प्राइवेट सेंटर जाने की हमारी हैसियत नहीं है।" — एक पीड़ित मरीज