Gold Rate Today 14 January 2026: सोने-चांदी में उछाल, जानिए 24, 22, 18 कैरेट गोल्ड का ताजा भाव

सर्राफा बाजार में मची खलबली! सोने और चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड। जानें वैश्विक तनाव और औद्योगिक मांग के बीच क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और विशेषज्ञों की क्या है राय।
 
Gold
देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों ने 2026 की शुरुआत में सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को चांदी का भाव ₹2.71 लाख प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि सोना 99.9% शुद्धता वाला 10 ग्राम ₹1.45 लाख के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गया। 
चांदी ने लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी दिखाई और पिछले तीन सत्रों में करीब ₹21,000 यानी लगभग 8.4% का उछाल दर्ज किया। वहीं सोना भी लगातार बढ़ रहा है और ₹1.45 लाख पर मजबूत बना हुआ है। 
सिर्फ दिल्ली ही नहीं — अहमदाबाद जैसे बाजारों में भी चांदी ₹2.62 लाख प्रति किलो के स्तर पर रिकॉर्ड बनाया। इस तरह भारत में दोनों धातुएँ ऐतिहासिक स्तरों पर कारोबार कर रही हैं। 
बाजार के ताज़ा रेट्स — भारत
धातु
रेट (लगभग)
इकाई
रिकॉर्ड स्थिति
चांदी
₹2,71,000
प्रति किलोग्राम
सर्वकालिक उच्च
सोना
₹1,45,000
प्रति 10 ग्राम
उच्चतम स्तर
भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक ऐसा मोड़ आया है जिसने निवेशकों, व्यापारियों और आम जनता को हैरान कर दिया है। इतिहास में पहली बार चांदी की कीमतें ₹2.71 लाख प्रति किलोग्राम के पार निकल गई हैं, वहीं सोने ने भी ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम का नया शिखर छू लिया है। यह केवल एक मूल्य वृद्धि नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे बड़े बदलावों का संकेत है।
​1. वैश्विक तनाव और कीमतों में आग
​सोने और चांदी की कीमतों में इस अभूतपूर्व तेजी का सबसे बड़ा कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता संघर्ष और यूक्रेन-रूस युद्ध के नए आयामों ने निवेशकों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। जब भी दुनिया में युद्ध जैसी स्थिति बनती है, निवेशक शेयर बाजार या करेंसी के बजाय 'सेफ हेवन' (Safe Haven) माने जाने वाले सोने और चांदी में निवेश करना सुरक्षित समझते हैं।
​2. चांदी की मांग में 'इंडस्ट्रियल' विस्फोट
​चांदी की कीमत ₹2.71 लाख तक पहुँचने के पीछे केवल निवेश ही नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग (Industrial Demand) भी है।
​सोलर एनर्जी: दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर दिया जा रहा है। सोलर पैनल के निर्माण में चांदी का भारी मात्रा में उपयोग होता है।
​इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV): ईवी सेक्टर में चांदी की खपत सामान्य कारों की तुलना में कहीं अधिक है।
​5G टेक्नोलॉजी: नई पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।
सप्लाई कम होने और डिमांड बढ़ने की वजह से चांदी 'सफेद सोना' बनकर उभर रही है।
​3. केंद्रीय बैंकों की स्वर्ण खरीदारी
​दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, विशेषकर चीन, भारत और तुर्की के बैंक, अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए बैंक भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की उपलब्धता कम हो रही है और कीमतें आसमान छू रही हैं।
​4. मुद्रास्फीति और डॉलर इंडेक्स का असर
​बढ़ती महंगाई (Inflation) के खिलाफ सोना हमेशा से एक ढाल रहा है। जब मुद्रा का मूल्य गिरता है, तो सोने की वैल्यू बढ़ जाती है। हालांकि डॉलर इंडेक्स में मजबूती कभी-कभी सोने पर दबाव डालती है, लेकिन वर्तमान स्थितियों में 'डिमांड-सप्लाई' का अंतर इतना ज्यादा है कि डॉलर का असर बेअसर साबित हो रहा है।
​5. भारतीय बाजार पर प्रभाव: शादियों का सीजन और निवेश
​भारत में सोने का सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है। ₹1.45 लाख के भाव ने मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उनके लिए जिनके घर में शादियां हैं।
​गहनों की मांग: ऊंची कीमतों के कारण लोग अब भारी गहनों के बजाय हल्के वजन वाले हॉलमार्क गहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
​डिजिटल गोल्ड: भौतिक सोने के बजाय अब युवा पीढ़ी डिजिटल गोल्ड और Gold ETF में निवेश को प्राथमिकता दे रही है।
​6. क्या यह निवेश का सही समय है?
​विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में कुछ समय के लिए 'करेक्शन' (गिरावट) आ सकता है, लेकिन लंबी अवधि (Long Term) में ट्रेंड 'बुलिश' ही रहने वाला है। अगर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता है, तो सोना ₹1.60 लाख और चांदी ₹3 लाख के स्तर को भी छू सकती है।

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