भारत में आज का सोने का भाव, गोल्ड रेट, सोने का दाम (17th November 2025)
Delhi Today Gold-Silver Rate: नवंबर 2025 को 24 कैरेट गोल्ड का दाम ₹1,24,790 प्रति 10 ग्राम, क्या थम गई है तेजी?
Mon, 17 Nov 2025
Today Gold-Silver Rate: 17 नवंबर 2025 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में स्थिरता दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में तेज उछाल और फिर बड़ी गिरावट के बाद आज 24 कैरेट सोने का भाव (10 ग्राम) ₹1,24,790 पर स्थिर रहा, जबकि 22 कैरेट सोने का दाम ₹1,14,310 प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। यह स्थिरता पिछले दो दिनों से जारी है, जो यह संकेत देती है कि बाजार अस्थिरता के एक दौर के बाद संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर सोने के भाव में कोई दैनिक परिवर्तन नहीं हुआ है, लेकिन पिछले पंद्रह दिनों के रुझान ने बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का संकेत दिया है। 13 नवंबर को कीमतों में 2.13% की बड़ी उछाल आई थी, जिसके बाद 14 नवंबर को 1.39% की तेज गिरावट दर्ज की गई थी।
प्रमुख शहरों में आज सोने का भाव (10 ग्राम)
सोने के दाम स्थानीय करों (GST, TCS) और मेकिंग चार्ज के कारण शहरों में अलग-अलग होते हैं। देश के चार प्रमुख महानगरों में आज के सोने के दाम इस प्रकार हैं:
शहर 24 कैरेट सोने का दाम (10 ग्राम) 22 कैरेट सोने का दाम (10 ग्राम)
दिल्ली ₹ 1,28,000 ₹ 1,17,350
मुंबई ₹ 1,27,850 ₹ 1,17,200
चेन्नई ₹ 1,27,900 ₹ 1,17,250
कोलकाता ₹ 1,27,850 ₹ 1,17,200
यह ध्यान देने योग्य है कि देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज भी सबसे महंगा, ₹1,28,000 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
बाजार का हाल और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
सोने की कीमतों पर वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के कारकों का गहरा असर पड़ता है। हाल की अस्थिरता मुख्य रूप से दो प्रमुख कारणों से जुड़ी हुई है:
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जब भी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत देता है, अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, जिससे सोने की मांग कम हो जाती है और कीमतें गिरती हैं। वहीं, दरों में कटौती की उम्मीद से सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में चमकता है।
भू-राजनीतिक तनाव: दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven Asset) की ओर रुख करते हैं। सोना ऐतिहासिक रूप से इन अनिश्चितताओं के दौरान निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प रहा है, जिससे इसकी मांग और कीमत बढ़ जाती है।
पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो, 13 नवंबर को जब सोने की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई थी, तो यह संकेत मिला था कि निवेशकों ने महंगाई और वैश्विक मंदी की आशंकाओं के कारण स्टॉक मार्केट से पैसा निकालकर सोने में लगाना शुरू कर दिया था। हालांकि, 14 नवंबर को आई गिरावट संभवतः अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कुछ निवेशकों द्वारा लाभ बुकिंग (Profit Booking) के कारण हुई। आज की स्थिरता बताती है कि बाजार इन सभी कारकों को समायोजित कर चुका है और एक नई दिशा का इंतजार कर रहा है।
निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की राय: आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में जल्द ही एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत में शादियों का सीजन और आने वाले त्योहारों की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है, जो घरेलू कीमतों को एक निश्चित स्तर से नीचे नहीं जाने देगी।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार विश्लेषक इस बात पर जोर देते हैं कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों पर अपने रुख में नरमी लाता है, तो अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार (Bullion Market) में सोने की कीमत तेजी से बढ़ सकती है। दूसरी ओर, अगर महंगाई को नियंत्रित करने के लिए दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो कीमतों में थोड़ी नरमी आ सकती है।
निवेशकों को सलाह:
विशेषज्ञ वर्तमान स्थिति को लंबी अवधि के निवेश के लिए एक अच्छा अवसर मानते हैं। यदि आप सोने में निवेश करना चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ (ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) जैसे विकल्पों पर विचार करना बुद्धिमानी होगी, क्योंकि इनमें मेकिंग चार्ज और शुद्धता की समस्या नहीं होती है। ज्वैलरी की खरीदारी के लिए, यह स्थिर समय उपयुक्त माना जा सकता है।
सोने की शुद्धता को समझना: 24K बनाम 22K
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता जानना सबसे महत्वपूर्ण है।
24 कैरेट सोना (99.9% शुद्धता): इसे सोने का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है। इसमें 99.9 प्रतिशत तक शुद्ध धातु होती है और इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्के, बार और निवेश उत्पादों को बनाने के लिए किया जाता है, क्योंकि इसकी कोमलता के कारण इसे ज्वैलरी के लिए उपयोग करना मुश्किल होता है।
22 कैरेट सोना (91.67% शुद्धता): इसे '916 सोना' भी कहा जाता है। यह आभूषण बनाने के लिए सबसे उपयुक्त है, क्योंकि इसमें 22 भाग शुद्ध सोना और 2 भाग चांदी, तांबा या जस्ता जैसी अन्य धातुएं मिली होती हैं। इन धातुओं को मिलाने से सोना अधिक कठोर और टिकाऊ बन जाता है, जिससे सुंदर और मजबूत आभूषण बनाए जा सकते हैं।
खरीददारों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है और यह सुनिश्चित करता है कि आप केवल सोने के वास्तविक प्रतिशत की कीमत चुका रहे हैं। आभूषण खरीदते समय स्थानीय ज्वैलर से मेकिंग चार्ज, GST और TCS (यदि लागू हो) की जानकारी अवश्य लें।
