अवैध हूटर और मुख्यालय से बाहर के अधिकारियों की गाड़ियों पर लगे सायरन लगातार ट्रैफिक को बाधित कर रहे हैं। कई मामलों में तो अधिकारी खुद मौजूद भी नहीं होते, लेकिन ड्राइवर सायरन बजाते हुए रास्ता खाली कराते निकल जाते हैं।
इस बीच, यातायात पुलिस और RTO के बीच पर्ची काटने की होड़ ने हालात और भी खराब कर दिए हैं। दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन हूटर बजाकर निकल रही VIP गाड़ियों पर अब तक कोई शिकंजा नहीं कसा गया है।
*अब बड़ा सवाल*—
क्या ट्रैफिक पुलिस ऐसे वाहन चालकों और अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी?
या शहर की जनता यूँ ही जाम में फंसी रहेगी?