मृतक व्यक्ति का आधार कार्ड होगा निष्क्रिय: UIDAI ने शुरू की नई ऑनलाइन सुविधा
Aadhaar News Update: पहचान के दुरुपयोग को रोकने की बड़ी पहल, घर बैठे कर सकेंगे डीएक्टिवेट.
Wed, 12 Nov 2025
Aadhaar card of the deceased person will be deactivated: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अब यह सुविधा शुरू कर दी है कि परिवार के सदस्य अपने दिवंगत प्रियजन के आधार नंबर को निष्क्रिय (Deactivate/Inactivate) करा सकें। यह पहल सरकारी रिकॉर्ड को सही रखने और मृत व्यक्ति की पहचान के गलत इस्तेमाल (Identity Misuse) को रोकने में सहायक होगी।
प्रमुख जानकारी और लाभ
पहले क्या होता था?
UIDAI पहले आधार कार्ड को रद्द (Surrender) करने या सीधे निष्क्रिय करने की कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं रखता था।
परिवार के सदस्य दुरुपयोग से बचने के लिए केवल आधार को लॉक (Aadhaar Lock) करने का विकल्प चुन सकते थे।
एक RTI के खुलासे में यह सामने आया था कि करोड़ों मृतक व्यक्तियों के आधार नंबर सिस्टम में अभी भी सक्रिय हैं, जिससे उनकी पहचान के दुरुपयोग का बड़ा खतरा था।
नई सुविधा के लाभ
दुरुपयोग पर रोक: निष्क्रिय होने के बाद, मृत व्यक्ति के आधार का इस्तेमाल किसी भी सरकारी योजना में, बैंक अकाउंट खोलने में, या किसी अन्य फर्जीवाड़े के लिए नहीं किया जा सकेगा।
डेटा की सटीकता: यह सरकारी डेटाबेस को अपडेट रखने में मदद करेगा और 'घोस्ट आधार' (Ghost Aadhaar) की समस्या को खत्म करेगा।
पारदर्शिता: परिवार अब आसानी से इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
कैसे काम करेगी नई डीएक्टिवेशन प्रक्रिया?
UIDAI ने यह नई सुविधा अपने myAadhaar पोर्टल पर शुरू की है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल बनाई गई है:
पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले UIDAI के आधिकारिक myAadhaar पोर्टल पर जाएं और लॉग इन करें।
विकल्प चुनें: "Report Death of a Family Member" (परिवार के सदस्य की मृत्यु की सूचना दें) विकल्प पर क्लिक करें।
विवरण भरें: मृतक व्यक्ति का आधार नंबर और अन्य आवश्यक विवरण भरें।
दस्तावेज़ अपलोड करें: इस प्रक्रिया के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जैसे सहायक दस्तावेज JPG, PNG या PDF फॉर्मेट में अपलोड करना अनिवार्य है।
संबंध की पुष्टि: फॉर्म भरने वाले व्यक्ति को मृतक के साथ अपने संबंध की पुष्टि करनी होगी।
अनुरोध जमा करें: पूरी जानकारी भरने के बाद अनुरोध (Request) सबमिट करें।
समय-सीमा: सूत्रों के अनुसार, फॉर्म जमा होने और आवश्यक सत्यापन (Verification) के बाद, मृतक व्यक्ति का आधार नंबर 90 दिनों के भीतर निष्क्रिय कर दिया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया में नाम, लिंग और बायोमेट्रिक गतिविधि की जांच शामिल है।
