उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 फरवरी 2026 के लिए एक ताजा बुलेटिन जारी करते हुए कई राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की संभावना है।
इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी नमी के कारण छिटपुट वर्षा देखी जा सकती है।
यातायात और परिवहन पर गहरा असर
बारिश और खराब दृश्यता (Low Visibility) के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ने की उम्मीद है:
फ्लाइट्स: दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट समेत कई बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी हो सकती है।
ट्रेनें: कोहरे और बारिश के तालमेल से लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं।
सड़क मार्ग: पहाड़ी क्षेत्रों जैसे हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन (Landslides) के खतरे को देखते हुए पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
फरवरी की यह बारिश रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकती है। हल्की बारिश फायदेमंद है, लेकिन ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने का डर है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और फिलहाल कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।