​Weather Update January: 26, 27 और 28 जनवरी को इन राज्यों में होगी भारी बारिश और ओलावृष्टि

देश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 26 से 28 जनवरी तक दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। जानें मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी।
 
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​Weather Update 26 27 28 January: 26, 27 और 28 जनवरी को भारी बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट, जानें आपके राज्य का हाल

​भारत के मौसम चक्र में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जनवरी का आखिरी हफ्ता देश के कई हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 26, 27 और 28 जनवरी को उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम अपने कड़े तेवर दिखाएगा। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

​1. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: क्यों बिगड़ेगा मौसम?

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में एक ताजा और तीव्र पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। यह हवा का एक ऐसा कम दबाव वाला क्षेत्र होता है जो कैस्पियन या भूमध्य सागर से नमी लेकर आता है। जब यह नमी युक्त हवाएं भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से टकराती हैं, तो पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। इस बार का विक्षोभ काफी ताकतवर माना जा रहा है, जिससे गणतंत्र दिवस और उसके बाद के दो दिन मौसम काफी अस्थिर रहेगा।

​2. राज्यवार मौसम का पूर्वानुमान

​उत्तर प्रदेश: गरज-चमक के साथ बारिश

​उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य इलाकों में 26 जनवरी की शाम से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में 27 और 28 जनवरी को मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि (Hailstorm) का भी अलर्ट जारी किया गया है, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

​दिल्ली-NCR: ठिठुरन और बारिश का संगम

​देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, मुख्य बारिश का दौर 27 जनवरी की रात से शुरू होकर 28 जनवरी तक जारी रहने की उम्मीद है। बारिश के कारण दिन के तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड का अहसास होगा।

​राजस्थान और हरियाणा: ओलावृष्टि की चेतावनी

​राजस्थान के उत्तरी हिस्सों जैसे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अलवर में ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। हरियाणा के दक्षिणी जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रख लें।

​मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: बेमौसम बरसात

​मध्य भारत में भी इस सिस्टम का असर दिखेगा। ग्वालियर, चंबल और रीवा संभागों में 27 और 28 जनवरी को गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कुछ उत्तरी हिस्सों में भी बादल बरस सकते हैं।

​पहाड़ी राज्य: बर्फबारी का 'व्हाइट आउट'

​जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भारी हिमपात की चेतावनी दी गई है। मनाली, शिमला, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण रास्तों के बंद होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है। पर्यटकों को इन दिनों ऊंचे इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

​3. कृषि और फसलों पर प्रभाव

​जनवरी के अंत में होने वाली यह बारिश गेहूं, सरसों और चने की फसल के लिए 'अमृत' और 'विष' दोनों साबित हो सकती है।

​फायदा: हल्की बारिश गेहूं की फसल के लिए सिंचाई का काम करेगी, जिससे दाना मजबूत होगा।

​नुकसान: अगर बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं या ओले गिरे, तो सरसों और चने की फूल वाली फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। जलभराव के कारण पौधों की जड़ें गलने का डर भी रहता है।

​4. स्वास्थ्य और सावधानी के उपाय

​मौसम में अचानक होने वाले इस बदलाव के कारण सर्दी-खांसी और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि:

​बारिश में भीगने से बचें, क्योंकि इससे हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ सकता है।

​गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करें।

​बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि गिरता तापमान उनके श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है।

​5. यातायात और परिवहन पर असर

​भारी बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की पूरी संभावना है। कोहरे और बारिश की जुगलबंदी विजिबिलिटी (Visibility) को कम कर सकती है, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चल सकती हैं। दिल्ली और अन्य बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानों के समय में बदलाव हो सकता है।

​निष्कर्ष

​जनवरी का यह अंतिम सप्ताह प्रकृति के दोहरे चेहरे दिखाएगा। एक तरफ जहां यह बारिश जलस्तर बढ़ाने में सहायक होगी, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त भी कर सकती है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें (SDRF) अलर्ट मोड पर हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की ताजा अपडेट्स पर नजर रखें और बिना जरूरी काम के यात्रा करने से बचें।

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